Monday, 24 April 2017

ये हैं आईपीएल की हॉट फीमेल एंकर, जानिए कितनी है कमाई

आईपीएल अपने चरम पर है। इस लीग में हर बार की तरह इस बार भी क्रिकेट के रोमांच और ग्‍लैमर का मसाला देखने को मिल रहा है। इस बार हॉट फीमेल एंकरों ने भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खिंचा है। शायद आप जानते नहीं हों लेकिन ये एंकर आईपीएल के एक सीजन में लाखों में कमाई करती हैं। आइए आज हम आपको आईपीएल 2017 की कुछ हॉट फीमेल एंकर के बारे में बताते है।


करिश्मा कोटक : लंदन में जन्मी टीवी प्रजेंटर करिश्मा किंगफिशर के कैलेंडर में दिख चुकी हैं। उन्होंने अपने कैरियर की शुरुआत जस्ट सेवेन्टीन, एशियन वुमन जैसी मैगजीन से की थी। 2005 में उन्होंने किंगफिशर कैलेंडर में छा गईं। करिश्मा बिग बॉस सीजन छह की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं।  करिश्मा कई पंजाबी फिल्मों में काम कर चुकी हैं।

रोशेल मारिय रॉव: 2012 में फेमिना मिस इंडिया इंटरनेशनल का खिताब जीत चुकी मारिया मॉडल हैं। रॉशेल बिग-बॉस में भी नजर आ चुकी हैं। कई भारतीय टीवी शो भी होस्ट किए हैं।



अर्चना विजय- मॉडल और टीवी प्रजेंटर अर्चना इस टूर्नामेंट की सबसे पॉपुलर एंकर में से एक है। अर्चना की एक तस्वीर इन दिनों वायरल हो रही है जिसमें उनकी फटी जींस को विराट कोहली देख रहे हैं। अर्चना ने कई क्रिकेट शो होस्ट किए हैं।


शिबानी दानेदकर- सोनाक्षी सिन्हा की बॉलीवुड फिल्म नूर में जारा पटेल की भूमिका निभाने वाली शिबानी इन दिनों टॉपलेस फोटोशूट को लेकर चर्चा में हैं। इस सीजन में वह एंकरिंग भी करा रही हैं। शिबानी कई टीवी सीरीज में एंकरिंग कर चुकी है, जिसमें कई भारतीय भी शामिल है।


मयंती लैंगर : भारतीय क्रिकेटर स्‍टुअर्ट बिन्‍नी की पत्‍नी मयंती अकसर सोशल मीडिया पर ट्रोल होती रहती हैं। दरअसल, स्टुअर्ट बिन्नी के खराब परफॉर्मेंस पर कई बार उनका मजाक बनता रहा है। मयंती डीयू की स्टूडेंट हैं। वह कई टीवी शो कर चुकी हैं। फुटबॉल समेत कई खेलों में एंकरिंग करा चुकी हैं।

मेल एंकर्स से ज्यादा कमाई
एक रिपोर्ट के मुताबिक ये मेल एंकर से कहीं ज्यादा कमाई करती हैं। मेल एंकर को जहां आईपीएल के एक सीजन के 20 से 25 लाख मिलते हैं। वहीं फीमेल एंकर को 35 से 50 लाख तक मिलते हैं। खास बात यह है कि रहने , खाने और मैच कवर के लिए ट्रैवल करने जैसी सुविधाएं भी इन्हें फ्री में मिलती हैं।

Tuesday, 11 April 2017

भोजपुरी फिल्मों का रजनीकांत..

पहले जब भी भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री का जिक्र होता था तब दिमाग में उसके चर्चित हीरो रवि किशन और मनोज तिवारी की फिल्में चलने लगती थीं। लेकिन वर्तमान दौर में यह बात पुरानी हो गई है। अब दौर नए सितारों का है।  इस दौर में पवन सिंह, खेसारी लाल और दिनेश लाल निरहुआ जैसे एक्टर्स की फिल्में चल रही हैं। इनमें भी दिनेश लाल यादव का सितारा पिछले कुछ समय से खूब चमक रहा है। दिनेश लाल निरहुआ की फिल्में लगातार हिट हो रही हैं। गायकी के रास्ते ​अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाले निरहुआ को भोजपुरी फिल्मों का रजनीकांत कहा जाता है। दरअसल, निरहुआ की फिल्मों में आपको ऐसे स्टंट और एक्शन देखने को मिल जाएंगे जो रजनीकांत की याद दिला देगी।  निरहुआ ने अपने एक्शन, रोमांस और कॉमेडी के अंदाज से लोगों को खूब एंटरटेन किया है। यही वजह ​है कि वह भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार कहलाते हैं। 


आज वह किसी भी फिल्म की सफलता की गारंटी माने जा रहे हैं। वह एकमात्र भोजपुरी के अभिनेता हैं जिन्होंने एक साल में 5 हिट फिल्में दी है।  यूपी और बिहार समेत देशभर में निरहुआ के फैंस हैं। ​बिग बॉस रियालिटी शो में भाग लेने के बाद निरहुआ को खास पहचान मिल गई। ऐसा नहीं है कि उन्हें यह मुकाम विरासत में मिली है। गाजीपुर के छोटे से गांव टंडवा के रहने वाले दिनेश लाल यादव ने इस मुकाम को हासिल करने के लिए लंबा संघर्ष किया है। घर की माली हालत के बीच निरहुआ ने कभी हार नहीं माना। दिनेश लाल यादव को 2003 में तब सफलता मिली जब उनका म्यूजिक एल्बम निरहुआ सटल रहे सुपरहिट हुआ था। इसी से वे स्टार बन गए थे। इसके बाद तो उन्होंने पीछे नहीं देखा और आगे चलते गए। आज टॉप पर बरकरार निरहुआ का कैरियर जिस ग्राफ से आगे निकला उसी ग्राफ से उनकी फीस ने भी रफ्तार पकड ली। वह हर फिल्मों के फीस 50 लाख तक लेते हैं। उनका अपना प्रोडक्शन हाउस है। अधिकतर फिल्में निरहुआ प्रोडक्शन में ही बनती हैं।  ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक निरहुआ ने पिछले 10 साल में 8 सुपरहिट फिल्में दी हैं। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि उनकी फिल्म 'बम बम बोल रहा है काशी' और 'निरहुआ रिक्शावाला पार्ट 2 ' 2016 की सबसे सफल फिल्म साबित हुई। इस फिल्मों ने 6 से 8 करोड़ तक की कमाई की।


    

Thursday, 6 April 2017

मौत को जीतने वाला डेडमैन..

वैसे तो भारत को क्रिकेट का देश माना जाता है। लेकिन यहां WWE रे‍सलिंग के भी फैंस की कमी नहीं है। 90 के दशक के बाद से जिन लोगों ने बचपन देखा है उनके लिए WWF‍ (जो बाद में WWE बना) रेसलिंग एक खेल से कहीं बढ़कर है। अपनी स्क्रीप्टेड खेल को लेकर हमेशा से ही सवालों में रही रेसलिंग की दुनिया जितनी दिलचस्‍प होती है उतनी ही खतरनाक भी। यहां मौत हर सेकेंड दावत देती है। लेकिन जो मौत को जीत लेता है वो डेडमैन कहलाता है।  आपने शाहरुख खान की फिल्म बाजीगर का वो डायलॉग तो सुना ही होगाहार कर जीतने वाले को बाजीगर कहते हैं। यह तो महज फिल्मी डायलॉग हे लेकिन अंडरटेकर को देखकर यह यकीं हो जाएगा कि मौत को जीतने वाले को बाजीगर नहीं डेडमैन कहते हैं। अंडरटेकर कई बार मौत के मुंह में जाकर भी उसे मात दे आए हैं,  तभी डेडमैन कहलाते हैं।  उस डेडमैन के कई नाम हैं। उसे कोई केन द अंडरटेकर तो कोई मार्क कैलॉस या फिर मास्टर ऑफ पेन, पनिशर डाइस मॉर्गन और द पनिशर के नाम से याद करता है। अंडरटेकर वो नाम है जिसने रिंग में अपने खेल, अग्रेसन और जीत के बाद जश्न के तरीकों से  करीब तीन पीढ़ियों का मनोरंजन किया है।  लेकिन अब यह चैंपियन दोबारा रिंग में नहीं उतरेगा। दरअसल, पिछले दिनों अंडरटेकर ने रेसलमैनिया 33 में अंडरटेकर की रोमन रेंस के हाथों हार के साथ WWE को अलविदा कह दिया।


अंडरटेकर आज भी लोगों के वीडियो गेम्स में मौजूद है। भारत में दीवानगी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब सिनेमाई पर्दे पर नकली अंडरटेकर की बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार के खिलाफ जंग दिखाई गई तो दर्शकों ने हाथों हाथ लिया। दरअसल, फिल्म 'खिलाड़‍ियों का खिलाड़ी' में अक्षय कुमार ने एक फाइट के सीन में अंडरटेकर को कंधे पर उठा लिया। यही वो वक्त था जब लोगों की सांसें थम गईं। तब लोगों को लगने लगा कि अक्षय कुमार ही बॉलीवुड का खिलाड़ी बन सकता है। दीवागनी ऐसी कि 1996 में आई इस फिल्म में नकली अंडरटेकर को फिल्माया गया था, यह किसी को आज भी भरोसा नहीं होता।  अंडरटेकर की छवि सिर्फ डेडमैन की नहीं थी, वह दिलेर भी है। वह कमाई का बड़ा हिस्‍सा दान कर देते हैं। उन्‍होंने जानवरों के लिए चैरिटी भी शुरू की है।

Sunday, 2 April 2017

हे प्रिय, तुम्हारी सैलरी कितनी है....

हमारे देश में दो तरह के लोग होते हैं। एक जो लोगोें की सैलरी पूछकर अपने बच्चों की सैलरी से तुलना करते हैं, दूसरे वो जो इसके जरिए जलील करने का मौका तलाशते हैं। बुजुर्गों ने सबकी सैलरी पूछ ली लेकिन चीयरलीडर्स की सैलरी के बारे में नहीं पूछा। हां जी, वही चीयरगर्ल जो अपनी — अपनी टीम के हर खास मूवमेंट को अपनी स्पेशल डांस से सेलिब्रेट करती हैं। ये इसलिए भी जानना जरूरी है क्योंकि आईपीएल का 10वां सीजन शुरू होने ही वाला है। आज हम आपको बताते हैं, चीयरलीडर्स की कितनी है सैलरी.... 



150 डॉलर की कमाई

5 अप्रैल से 21 मई तक चलने वाले इस महाकुंभ में कुल 60 मैच खेले जाएंगे। पिछले साल की तरह इस बार भी आईपीएल में 8 टीमें खेल रही हैं। हर टीम की अपनी चीयरलीडर्स होती हैं और इनको सैलरी भी टीम मैनेजमेंट से मिलती है। ये देसी और विदेशी भी हो सकती हैं। 2016 के आईपीएल आंकडे देखें तो इन चीयरलीडर्स को हर मैच के लगभग 100-150 डॉलर मिलते हैं। यानी ये चीयरलीडर्स करीब 7-8 हजार रुपए ​की कमाई करती हैं। खास बात यह है कि मैच जीतने पर इन्‍हें 3000 या उससे ज्यादा बोनस मिल जाते हैं। पार्टी और अन्‍य कामों के लिए इन्‍हें 7000-12000 रुपए तक मिल जाते हैं।


सिलसिलेवार जानिए हर टीम की चीयरलीडर्स की कमाई के बारे में

रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर : आरसीबी अपनी चीयरलीडर्स को सबसे ज्यादा सैलरी देने वाली टीमों में से है। पिछले साल के सीजन में प्रति मैच 140 डॉलर दिए यानी यह करीब 10 हजार रुपए हुए। मैच जीतने पर टीम बोनस के तौर पर 3000 रुपए देती है।

कोलकाता नाइट राइडर्स : शाहरुख खान की टीम की चीयरलीडर्स को प्रति मैच 150 डॉलर मिलते हैं जो करीब 12,000 रुपए हुए। टीम के जीतने पर 3000 रुपए बोनस मिलता है।

मुंबई इंडियंस : मुंबई इंडियन की चीयरलीडर्स की प्रति मैच की कमाई 100 डॉलर है जो 8000 रुपए के करीब हुए। बोनस के रूप में 3000 रूपए भी मिलते हैं। 

इसके अलावा गुजरात लायंस,सनराइजर्स हैदराबाद,दिल्ली डेयरडेविल्स, किंग्स इलेवन पंजाब और राइजिंग पुणे सुपर ज्वाइंट ने भी पिछले साल अपनी हर चीयरलीडर्स को प्रति मैच 100 डॉलर दिए। यानी हर मैच में चीयरलीडर्स को सैलरी के रुप में 8 हजार रुपए तक मिले। इसके अलावा बोनस के तौर पर प्रत्येक चीयरलीडर को 3 हजार या उससे अधिक रुपए दिए जाते हैं। वहीं पार्टी और अन्य कार्यक्रम में काम करने की फीस का फैसला उनकी प्रति मैच सैलरी के आधार पर होता है।

Saturday, 1 April 2017

एक चैंपियन का 'मनहुस' बन जाना...

आईपीएल का 10वां सीजन शुरू होने में अब चंद दिन ही बचे हैं।  भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के लिए यह सीजन किसी चुनौती से कम नहीं है। दरअसल,  धोनी राइजिंग पुणे सुपरजवाइंट की ओर से लगातार दूसरे साल खेलेंगे लेकिन आईपीएल इतिहास में पहली बार होगा जब वह बतौर कप्तान नहीं खेलेंगे। धोनी को पुणे टीम की कप्तान पद से हटाए जाने को लेकर  लगातार सफाई दी जा रही है।  लेकिन सच तो यह है कि आईपीएल कारोबार का वो मंच है जहां न तो किसी की ख्याति को देखी जाती है और न ही किसी को भावनाओं से लगाव होता है। यही वजह है कि इस रंगमंच पर ईशांत शर्मा जैसे सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज की बोली तक नहीं लग पाती है और अतीत के पन्ने को पलटे तो बंगाल में विरोध होने के बाद भी सौरभ गांगुली जैसे सफल कप्तान को कोलकाता नाइटराइडर्स टीम से एक ही झटके में बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। यहां मसीहा वही बनता है जो टीम मालिकों के पैसा बनाने का मशीन बन जाता है। शायद धोनी पुणे के लिए वो मुनाफे की मशीन नहीं बन पाए जो आठ सीजन तक चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए साबित हुए थे। ठीक 6 साल पहले भारत को विश्वकप खिताब दिलाने वाले माही पुणे के लिए संभवत: 'मनहुस'’ साबित हुए। यही वजह है कि टीम को उनकी कप्तानी से भरोसा उठ गया है। ऐसा पहली बार है जब धोनी की कप्तानी से किसी का भरोसा डिगा है। वर्ना धोनी की पहचान अपने प्रयोगों और रणनीति के जरिए टीम इंडिया को विश्वकप का खिताब दिलाने वाले कप्तान के तौर पर होती है। धोनी वो कप्तान हैं जिनकी अगुवाई में चेन्नई सुपर किंग्स ने दो खिताब अपने नाम किए।  धोनी अब आॅस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीवन स्मिथ की अगुवाई में खेलेंगे। यह देखना अहम होगा कि स्मिथ की कप्तानी में पुणे की टीम किस मुकाम पर पहुंच पाती है।


पिछले साल संभाली थी कमान

पिछले साल चेन्नई सुपरकिंग्स पर बैन के बाद धोनी को पुणे की नई नवेली टीम की अगुवाई करने का मौका मिला। लेकिन नई टीम और नए खिलाड़ियों के साथ माही तालमेल बिठाने में नाकाम रहे और यही वजह रही कि उनकी कप्तानी फ्लॉप साबित हुई।

खुद भी जिम्मेदार हैं माही

इस हालत के खुद धोनी भी जिम्मेदार हैं। पिछले सीजन में धोनी ने अपने प्रशंसकों को निराश किया। धोनी की कप्तानी में पुणे की टीम सातवें स्थान पर रही। पिछले सीजन में धोनी ने 14 मैच खेलकर सिर्फ 284 रन बनाए। इसमें उन्होंने एकमात्र पचासा जमाया।