Sunday, 29 November 2015

दोधारी तलवार है शोहरत का सौदा





किसी भी ब्रांड के लिए आमिर खान का साथ भरोसे की गारंटी रहा है लेकिन इस बार स्नैपडील को यही भरोसा कुछ महंगा पड़ गया। दरअसल, असहिष्णुता पर आमिर खान से नाराज कुछ लोगों ने अपने फोन से स्नैपडील के ऐप डिलीट करके इसका प्रचार भी शुरू कर दिया। इससे एक बात तो साफ है कि सेलिब्रेटी के कोई भी अच्छी हरकत या बयान से अगर ब्रांड को फायदा तो नकारात्मक बात से ब्रांड को नुकसान भी पहुंच सकता है।


हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान के देश छोड़ने संबंधी बयान के बाद मचे बवाल के बीच एक युवा ने ट्विटर पर ट्वीट किया, 'असहिष्णुता के क्या मायने होते हैं यह कोई स्नैपडील से पूछे'। यूं तो यह एक मजाकिया ट्वीट था लेकिन इसने स्नैपडील की बेबसी को बखूबी जाहिर कर दिया। दरअसल, आमिर खान ई - कॉमर्स कंपनी स्नैपडील के ब्रांड एंबेसडर हैं। आमिर की असहिष्णुता के बयान से इत्तेफाक न रखने वाले लाखों लोग अपने मोबाइल से ‘अवार्ड वापसी’ की तर्ज पर 'ऐप वापसी' नाम से विरोध कर रहे हैं। इस विरोध के तहत लोगों ने अपने स्मार्टफोन से ऐप डिलीट करना शुरू कर दिया है।  इस घटनाक्रम से अब यह आंका जाने लगा है कि स्टार्स की प्रसिद्घि कैश करवाने की रणनीति जब उलटी पड़ती है तो कितना नुकसान कर सकती है? दरअसल, अपने प्रॉडक्ट का विज्ञापन करने के लिए कंपनियां बड़े - बड़े फिल्मी सितारों और खिलाड़ियों को ब्रांड एंबेसडर बनाती हैं, जिससे प्रॉडक्ट की सेल बढ़े लेकिन प्रॉडक्ट फेल हो या फिर उसका विज्ञापन करने वाला सितारा, खामियाजा एक - दूसरे को तो उठाना ही पड़ता है। मसलन, मैगी की छवि खराब हुई तो उसका नुकसान उसके ब्रांड एंबेसडर्स को भी उठाना पड़ा था।  स्थिति यह हुई कि मैगी के ब्रांड एंबेसडर अमिताभ बच्चन और माधुरी दीक्षित के अलावा कई साल पहले विज्ञापन छोड़ चुकी प्रिटी जिंटा भी इस लपेटे में आ गईं। अब आमिर पर कीचड़ उछला है तो छींटे स्नैपडील पर भी पड़ने ही थे। खतरा सिर्फ इतना भर नहीं है। आमिर प्रकरण ने भारतीय ऑनलाइन समुदाय को विरोध करने के लिए ट्विटर और फेसबुक के साथ एक नया और सबसे घातक प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध करवाया है और वह गूगल प्ले स्टोर पर ऐप के पेज पर नेगेटिव रिव्यू देना। एक दिन में आमिर के वक्तव्य से गूगल प्ले स्टोर पर स्नैपडील को 32,000 से ज्यादा सिंगल स्टार ( नेगेटिव रेटिंग) मिले हैं, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस खतरनाक ट्रेंड से बाजार के दिग्गज चकित हैं और कई तो डर भी गए हैं।  यही कारण है कि प्रतिद्वंद्वी दिग्गज एक साथ खड़े हुए हैं और  #ऐपवापसी जैसे ट्रेंड को आगे बढ़ने से रोकने में एक जुट हो जाते हैं। कभी ट्विटर पर स्नैपडील को घेरने वाले फ्लिपकार्ट के सह-संस्थापक और सीईओ सचिन बंसल कहते हैं कि ब्रांड एंबेसडर की बात का विरोध करने के लिए कंपनी को निशाना बनाना बेतुका है। उनका कहना है कि जरूरी नहीं कि ब्रांड या कंपनी अपने ब्रांड एंबेसडर की निजी राय से इत्तफाक रखें, लिहाजा स्नैपडील के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए। दरअसल,  फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी कंपनियां बाजार के इस नए ट्रेंड को आगे नहीं बढ़ने देना चाहती हैं और चाहेंगी भी क्यों? जहां एक ओर ब्रैंड वैल्यू बनाने में करोड़ों रुपये और सैकड़ों दिन लग जाते हैं, वहीं दूसरी ओर इनके ब्रांड एंबसेडर नादानी में अपनी जुबान खोलकर इनका बाजार खराब कर देते हैं। अभी कुछ माह पहले की ही बात है जब एयरटेल और नेट न्यूट्रलिटी के पक्ष में जैसे ही फ्लिपकार्ट ने कदम बढ़ाए तो ऑनलाइन सोशल प्लेटफॉर्म जैसे ट्विटर और गूगल प्ले स्टोर पर फ्लिपकार्ट को काफी विरोध झेलना पड़ा था। लोगों ने तब गूगल प्ले स्टोर पर फ्लिपकार्ट को धुआंधार नेगेटिव रेटिंग से भर दिया था और फ्लिपकार्ट ने तुरंत इस मुद्दे से अपने को अलग करने का बयान दे दिया।  फ्लिपकार्ट के मालिक बंसल बंधु तब मार्केट की इस नई प्रतिक्रिया से  हैरान रह गए थे स्थिति की गंभीरता को समझे बगैर बंसल बंधु हड़बड़ाहट में समझौता कर गए और आज जब उसी हालात में अपनी प्रतिद्वंद्वी कंपनी को देखा तो उसके बचाव में आकर खड़े हो गए। केवल बंसल की ही यह राय नहीं है। वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के मुख्य परिचालन अधिकारी सी एम सिंह भी मान रहे हैं कि कंपनी इस तरह के घटनाक्रम पर अब करीबी नजर रखेंगी।  एक बात तो साफ है, जब भी कोई चर्चित हस्ती कुछ कहती है तो उसका बड़ा असर होता है। आखिरकार वह हस्ती किसी न  किसी ब्रांड का प्रचार कर रही है। उनकी कोई भी अच्छी हरकत या बयान से अगर ब्रांड को फायदा तो नकारात्मक बात से ब्रांड को नुकसान भी पहुंच सकता है।


1,20, 000 ः ग्राहक लगभग स्नैपडील ऐप्लिकेशन की रेटिंग घटा चुके हैं 
07ः  लाख ग्राहकों ने अपने मोबाइल फोन से इस ऐप्लिकेशन को हटा दिया है, ऐसा ट्विटर पर दावा किया जा रहा है
32,000 ः से ज्यादा सिंगल स्टार ‌मिला स्नैपडील को आमिर खान के विवादित बयान के एक दिन के भीतर
25 ः से 100 रुपये प्रति यूजर तक खर्च करने पड़ते हैं एक ऐप को इनस्टॉल करवाने के लिए किसी ई-कॉमर्स कंपनी को
700 ः करोड़ डॉलर की ई- कॉमर्स कंपनी है स्नैपडील
23ः नवंबर 2015 तक स्नैपडील की डेली स्टार रेटिंग जहां  3.763 थी, वहीं आमिर के बयान के बाद 1.218 तक पहुंच गई।
30 ः करोड़ का आमिर खान ने स्नैप डील कंपनी के साथ करार किया है।

कैसे पड़ता है असर
दरअसल, जब ई- कॉमर्स कंपनियां  स्नैपडील के गूगल प्ले स्टोर पेज पर कोई नया यूजर अगर इस तरह नेगेटिव कमेंट देखेगा तो ऐप इनस्टॉल ही नहीं करेगा। इसके अलावा जब स्नैपडील ग्राहक सेवा केंद्र में ग्राहक बातचीत करता है तो उसके 24 घंटे के भीतर कॉल करने वाले ग्राहक के पास कंपनी की ओर से रेटिंग के लिए कॉल आता है। यह रेटिंग एक से पांच तक की होती है। कम रेटिंग सेलेक्ट करने पर कंपनी के ग्रोथ रेटिंग पर असर पड़ता है। 


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विवाद पर आमिर के वक्तव्य
' मैं अब भी अटल हूं'
सबसे पहले मैं एक बात साफ करना चाहूंगा कि न मेरा और न ही मेरी पत्नी का इरादा यह देश छोड़ने का है। हमारा न कोई ऐसा इरादा था, न है और न रहेगा। जो कोई भी ऐसी बात फैलाने की कोशिश कर रहा है, उसने या तो मेरा साक्षात्कार नहीं देखा या फिर जानबूझकर गलतफहमी फैलाना चाह रहा है। भारत मेरा देश है और मैं इससे बेइंतहा प्यार करता हूं, यही मेरी सरजमीं है। दूसरी बात यह कि इंटरव्यू के दौरान जो भी मैंने कहा, उस पर मैं अब भी अटल हूं। जो लोग मुझे देशद्रोही कह रहे हैं उनसे मैं कहूंगा कि मुझे हिंदुस्तानी होने पर गर्व है। इस सच्चाई के लिए मुझे न किसी के इजाजत की जरूरत है और न ही किसी के सर्टिफिकेट की। मैंने अपने दिल की बात कही और लोग इस वक्त मुझे भद्दी गालियां दे रहे हैं। गालियां देने वालों से मैं कहना चाहूंगा कि मुझे बड़ा दुख है कि मेरा कहा वह सच साबित कर रहे हैं। मैं उन सारे लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जो आज इस वक्त मेरे साथ खड़े हैं। हमें हमारे इस खूबसूरत और बेमिसाल देश के खूबसूरत चरित्र को सुरक्षित रखना है। हमें सुरक्षित रखनी है इसकी एकता, इसकी अखंडता, इसकी विविधता, इसकी सभ्यता और इसकी संस्कृति। हमें देश के इतिहास, अनेकांतवाद, भषाई बहुलता, प्यार, संवेदनशीलता और इसकी जज्बाती ताकत को सुरक्षित रखना है।

मैं अंत में रबिंद्रनाथ टैगोर की एक कविता दोहराना चाहूंगा, कविता नहीं बल्कि यह एक प्रार्थना है।
 ‘जहां उड़ता फिरे मन बेखौफ और सिर हो शान से उठा हुआ/जहां ज्ञान हो सबके लिए बेरोकटोक बिना शर्त रखा हुआ/जहां घर की चौखट से छूती सरहदों में न बंटा हो जहान/जहां सच की गहराइयों से निकले हर बयान/जहां बाजुएं बिना थके लकीरें कुछ मुकम्मल तराशें/जहां सही सोच को धुंधला न पाए उदास मुर्दा रवायतें/जहां दिलो-दिमाग तलाशें नए खयाल और उन्हें अंजाम दें/ऐसी आजादी के स्वर्ग में, ऐ भगवान, मेरे वतन की हो नई सुबह। जय हिंद।
आमिर खान






तल्ख रिश्तों का इतिहास पुराना है!
ये पहला मौका नहीं है, जब आमिर खान और मोदी या फिर बीजेपी के बीच तलवारें खीची हैं। अगर ये कहा जाए कि दशक भर से ये सिलसिला चल रहा है, तो गलत नहीं होगा। इसकी शुरुआत हुई थी वर्ष 2006 के अप्रैल महीने में। आमिर खान अपनी फिल्म ‘रंग दे बसंती’ के साथी कलाकारों के साथ 15 अप्रैल 2006 के दिन दिल्ली के जंतर मंतर पर पहुंचे थे और नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर के साथ जा बैठे। मेधा पाटकर गुजरात के केवड़िया में नर्मदा नदी पर बन रहे सरदार सरोवर बांध की ऊंचाई बढ़ाने का विरोध कर रही थीं। आमिर ने भी मेधा के सुर में सुर मिलाते हुए बांध की ऊंचाई बढ़ाने का ये कहते हुए विरोध किया कि जब तक विस्थापित किसानों का सही ढंग से पुनर्वास नहीं हो जाता, तब तक बांध की उंचाई बढ़ाया जाना गलत है। इसे लेकर गुजरात में हाहाकार मच गया। हालात ये बने कि गुजरात के ज्यादातर हिस्सों में ‘रंग दे बसंती’ का प्रदर्शन रोकना पड़ा। कई जगह तोड़फोड़ हुई। उस वक्त नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। इस विवाद के कुछ माह बाद ही आमिर खान ने वडोदरा की एक घटना को आधार बनाकर बीबीसी को दिए इंटरव्यू में मोदी सरकार और राज्य प्रशासन की कड़ी आलोचना कर डाली। साथ ही उन्होंने 2002 गुजरात दंगे में राज्य सरकार की भूमिका को भी कठघरे में ला दिया।
इसी दौरान आमिर खान की एक और फिल्म ‘फना’ रिलीज हुई लेकिन गुजरात में इस फिल्म का प्रदर्शन नहीं हो पाया।  आमिर खान और गुजरात की तत्कालीन मोदी सरकार के बीच टकराव का सिलसिला तब और बढ़ा, जब आमिर की मशहूर फिल्म ‘लगान’ में चिंकारा का इस्तेमाल होने संबंधी मामले की जांच गुजरात के वन विभाग ने तेज की। दरअसल आमिर खान की इस फिल्म की ज्यादातर शूटिंग वर्ष 1999-2000 के बीच गुजरात के कच्छ जिले में ही हुई थी। इसी फिल्म के एक दृश्य को फिल्माने के लिए आमिर खान की तत्कालीन पत्नी रीना ने आमिर खान प्रोडक्शन के बैनर तले गुजरात के वन विभाग को पत्र लिखकर चिंकारा के इस्तेमाल की अनुमति सितंबर 1999 में मांगी थी लेकिन वन विभाग ने इसकी इजाजत नहीं दी।  आमिर और मोदी के कड़वे संबंधों के बीच बड़ा टर्न 2014 में आया। मई 2014 में मोदी की अगुआई में केंद्र में बीजेपी की सरकार बनी। 23 जून 2014 को आमिर खान प्रधानमंत्री मोदी से मिलने के लिए उनके ऑफिस गए और बाद में खुद ही इस मुलाकात की तस्वीर ट्वीट की, साथ मे ये जानकारी भी दी कि उनके ‘वोट फॉर चेंज’ कैंपेन के संबंध में पीएम मोदी से बातचीत हुई। साथ में आमिर ने मोदी के प्रति आभार भी जताया कि उन्होंने मुलाकात के लिए लंबा समय दिया।

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जब सेलिब्रेटी से अलग ‌हुई कंपनी

जस्टिन गैटलीन - अमेरिका के धावक जस्टिन गैटलिन पर 2004 एथेंस ओलंपिक में डोपिंग टेस्ट में फेल होने की वजह से चार साल का बैन लगा। इसका असर यह हुआ कि स्पोर्ट्स की बड़ी कंपनी नाइके ने उनसे करार तोड़ लिया।  
आस्कर पिस्टोरियस - जब 2013 में दक्षिण अफ्रीका के पैरालिंपिक एथलीट ऑस्कर पिस्टोरियस पर प्रेमिका रीवा स्टीनकैंप के खून का आरोप लगा तब स्पोर्ट्स कंपनी ओकले ने उनसे नाता तोड़ लिया वहीं नाइके ने भी अनुबंध को आगे नहीं बढ़ाया।
ओ जे सिंपसन  - मशहूर फुटबॉलर और अमेरिकन मूवी स्टार सिंपसन को कैलिफॉर्निया में पूर्व पत्नी और उसके दोस्त की हत्या और कसीनो में डकैती के अपराध में गिरफ्तार किया गया। इस घटना के बाद अमेरिका की हार्टज कार कंपनी ने सिंपसन से करार तोड़ दिया। इस कंपनी से सिंपसन को हर साल पांच लाख डॉलर यानी करीब 3.50 करोड़ रुपये की आमदनी होती थी। 

स्टेफनी राइस - ऑस्ट्रेलिया की तीन बार ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता तैराक स्टेफनी राइस से जगुअर कार कंपनी ने तब दूरी बना ली जब उन्होंने 2010 में समलैंगिकों के विरोध में ट्वीट किया। यह कंपनी उन्हें करीब एक लाख डॉलर का भुगतान करती थी।

माडोना - अमेरिका की पॉप स्टार माडोना से 1989 में पेप्सी ने करार तोड़ लिया। माडोना ने उस दौरान चर्च और कैथोलिक समुदाय के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
माइक टायसन - 1988 में पत्नी द्वारा गाली - गलौच के आरोप के बाद मुक्केबाज माइक टायसन से पेप्सी ने करार तोड़ लिया।
लांस आर्मस्ट्रांग  - डोपिंग में फंसने के बाद लांस आर्मस्ट्रांग से नाइके, ट्रेक साइकल्स, एफआरएस जैसी बड़ी कंपनियों ने करार तोड़ लिया।
टाइगर वुड्स  -  2010 में सेक्स स्कैंडल में फंसने के बाद अमेरिका के दिग्गज गोल्फर टाइगर वुड्स से पेय पदार्थ कंपनी गेटोरेड जीएम ने करार तोड़ लिया।
माइकल फेलेप्स  - एयरपोर्ट के बाहर स्मोकिंग करते हुए अमेरिका के स्टार तैराक फेलेप्स की तस्वीर सार्वजनिक होने के बाद खाद्य प्रोडक्ट केलॉग ने उन्हें अपना एंबेसडर बनाने से इन्कार कर दिया।
सलमान खान - 2001-02 में सलमान की गाड़ी से फुटपाथ पर सो रहे एक मजदूर की कुचलकर मौत हो गई, चार घायल हो गए। इस घटना के बाद थम्सअप कोल्ड ड्रिंक ने  सलमान खान से करार तोड़ लिया । 
संजय दत्त  -  मुंबई की टाडा अदालत ने 2007 में संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के तहत छह साल कैद की सजा सुनाई । इस घटना के बाद कोलकाता की गारमेंट्रस कंपनी रूपा ने उनसे करार तोड़ लिया।
अमिताभ बच्चन - आईफा से जुड़े रहे अमिताभ बच्चन 2010 में इस बड़े फिल्म उत्सव से अलग हो गए। दरअसल, श्रीलंका में तमिलों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर साउथ इंडियन फिल्म चेम्बर ऑफ कॉमर्स के विरोध के बाद उन्होंने डर कर यह फैसला लिया। 2010 में आईफा का आयोजन श्रीलंका में ही हुआ था।
कैट मोस - माडल कैट मोस को हवाई अड्डे पर स्मोकिंग करते हुए पकड़ा गया। जिसके बाद उनसे ट्रेवन कार कंपनी ने करार तोड़ लिया।
वायने रूनी - इंग्लैंड के फुटबॉलर रूनी को 2010 में पेप्सी ने नाता तोड़ लिया। रूनी पर पत्नी को धोखा देने का आरोप लगा था। 
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कुछ अन्य विज्ञापन जिसके
फांस में फंसे कलाकार…

विज्ञापनः किसान चैनल
विवादः जुलाई, 2015 विज्ञापन के बदले अमिताभ बच्चन पर 6.31 करोड़ रुपये लेने का आरोप
मामल - केंद्र सरकार ने मई में ही किसान चैनल लॉन्च किया है। इसके विज्ञापन के लिए बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन को लिया गया था। दावा है कि बॉलीवुड महानायक अमिताभ बच्चन ने किसान चैनल का विज्ञापन करने की लिए फीस ली है। जबकि अमिताभ बच्चन ने खुलासा किया उन्होंने कोई फीस नहीं ली है।

कल्याण ज्वैलर्स
विवादः अप्रैल, 2015 में नस्लभेदी और बाल मजदूरी को बढ़ावा देने का आरोप लगा।
क्या था मामला
अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन ने कल्याण ज्वैलर्स के साथ 10 करोड़ रुपए सालाना में करार किया था। उन पर आरोप लगे थे कि ये विज्ञापन ‘नस्लीय’ होने के अलावा बच्चों की गुलामी को बढ़ावा देता है। इस विज्ञापन में आभूषणों से लदी ऐश्वर्या राय के पीछे एक दुबले-पतले सांवले रंग के बच्चे को लाल रंग की छतरी उठाए हुए दिखाया गया था। सामाजिक कार्यकर्ताओं के एक ग्रुप ने ऐश्वर्या को लिखे पत्र में इस तस्वीर को ‘बेहद आपत्तिजनक’ बताया था। विज्ञापन पर मचे बवाल के बाद कल्याण ज्वैलर्स ने अपने फेसबुक पेज पर माफीनामा जारी किया था।

थम्सअप
विवादः मई, 2015 में बोतल पर नहीं प्रिंट थी फ्लेवर की जानकारी। सैंपल ब्रांडिंग में फेल
क्या था मामला
एमपी में गुना के खाद्य एवं औषधि विभाग ने थम्सअप के सैंपल लेकर उसे जांच के लिए भोपाल की सरकारी लैब में भेजा था। जांच में सामने आया कि थम्सअप ने अपनी बोतल पर फ्लेवर की जानकारी प्रिंट नहीं की है। ग्राहकों को नहीं पता कि वह थम्सअप के रूप में क्या पी रहे हैं। इसके बाद खाद्य एवं औषधि विभाग ने बॉलीवुड कलाकार सलमान खान, अक्षय कुमार और साउथ इंडियन फिल्म इंडस्ट्री के हीरो महेश बाबू को नोटिस थमाया था।

हिमामी फेयर एंड हैंडसम क्रीम
 विवादः 2013 में इस विज्ञापन में शाहरुख मर्दों को गोरा करने की क्रीम के फायदे गिनाते नजर आए थे। इसके बाद शाहरुख पर रंगभेद का आरोप लगा था।
क्या था मामला
लगभग दो साल पहले शाहरुख खान ने एक फेयरनेस क्रीम का विज्ञापन किया था, जिसपर विवाद खड़ा हो गया था। शाहरुख इस विज्ञापन में मर्दों को गोरा करने की क्रीम के फायदे गिनाते हुए नजर आते थे। इस विज्ञापन के खिलाफ एक ऑनलाइन कैंपेन ‘डार्क एंड ब्यूटीफुल’ शुरू हो गया था। इसके बाद आमिर खान समेत कई बॉलीवुड सितारों ने यह निर्णय लिया कि वे ऐसे किसी प्रोडक्ट का विज्ञापन नहीं करेंगे जो ऐसे भ्रम फैलाती है। हालांकि, शाहरुख खान ने इस विवादित मुद्दे पर चुप रहने में ही समझदारी समझी।

लिवाइस
विवादः 2009 में रैंप शो में प्रचार के लिए अश्लील हरकत का आरोप
क्या था मामला
साल 2009 में खिलाड़ी अक्षय कुमार तब विवादों में घिर गए थे, जब वह फैशन वीक के दौरान रैंप पर उतरे थे। अक्षय कुमार इस रैंप शो में एक जींस के ब्रांड के लिए उतरे थे। इस दौरान अक्षय ने अपनी पत्नी टि्वंकल खन्ना से पैंट का बटन खोलने के लिए कहा और उन्होंने ऐसा किया भी। कई लोगों ने अक्षय और टि्वंकल की इस हरकत को अश्लील बताया। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने तो अक्षय के खिलाफ अश्लीलता फैलाने का केस भी दर्ज करा दिया था। हालांकि, विवाद बढ़ने के बावजूद अक्षय ने इस पर माफी मांगने से इनकार कर दिया था।

मैनफोर्स
विवाद ः हाल ही में एक नेता ने सनी लियोनी के मैनफोर्स विज्ञापन पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि इस वजह से बलात्कार करने के लिए प्रेरित किया जाता है। इस विवाद के बाद मैनफोर्स कंपनी को विज्ञापन की स्क्रिप्ट बदलनी पड़ी। हालांकि अभी भी इस कंपनी की ब्रांड एंबेस्डर सनी लियोनी हैं।

यह भी हैं
-  इसी तरह मधु सप्रे और मॉडल व एक्टर मिलिंद सोमन का 1995 में आया एक शूज का विज्ञापन अब तक का सबसे विवादित विज्ञापन माना जाता है। विज्ञापन के रिलीज होते हुए इस पर प्रति‍बंध लगा दिया गया था। इस विज्ञापन में दोनों ने सिर्फ जूते ही पहन रखे थे और उनके शरीर पर एक पॉलीथन लिपटा हुआ था। इस विज्ञापन के बाद इन दोनों को तरह के कानूनी नोटिस का सामना करना पड़ा था।

- बिपाशा बसु एवं मॉडल व अभिनेता डिनो मोरिया ने मिलकर 1998 में एक कामुक विज्ञापन किया था जो विवादों में घिर गया था। अंडरवियर के इस विज्ञापन को लेकर लंबे समय तक विवाद जारी रहा था।

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बॉलीवुड के 'बादशाह' आमिर खान
बॉलीवुड में विज्ञापन दुनिया के बादशाह शाहरुख खान नहीं बल्कि आमिर खान हैं। वह अपनी शर्तों पर काम करते हैं और खास प्रोडक्ट के साथ ही जुड़ते हैं। आमिर खान एक दिन की शूटिंग के लिए पांच करोड़ लेते हैं। आमिर के बाद सलमान का नाम आता है जो साढ़े तीन से पांच करोड़ का अनुबंध कर पाते हैं। शाहरुख खान तीसरे नंबर पर हैं जो 3.5 करोड़ से चार करोड़ की डील साइन करते हैं और उनकी ना कोई शर्त होती है ना कोई च्वाईस। शाहरुख पेंट, ई-कॉमर्स, से लेकर शराब के विज्ञापन तक कर सकते हैं। ऐसा इस व्यवसाय से जुड़े पंडितों का मानना है। रणबीर कपूर पहले एक करोड़ लेते थे लेकिन जब से कैटरीना के साथ रहने की खबरों में आए हैं वह तीन करोड़ के आंकड़े पर आ गए हैं।  रणवीर सिंह 60 से 70 लाख तक में विज्ञापन कर लेते हैं।
 अभिनेत्रियों की बात करें तो विज्ञापन दुनिया में दीपिका पादुकोण की अधिक मांग है। पहले वह 50 से 60 लाख तक की माॅडल वैल्यू वाली लड़की थीं जो अब दो करोड़ लेने लगी हैं। इसके बाद कैटरीना हैं जो 1.5 से 1.7 करोड़ रुपये की मोटी रकम लेती हैं। प्रियंका चोपड़ा (1 से 1.3 करोड़) ऐश्वर्या राय (1 से 1.5 करोड़), अनुष्का शर्मा (60 से 70 लाख) कंगना रनोट ( 50 लाख प्रति दिन के शूट पर) और आलिया भट्ट (एक करोड़) तक पाने वाली तारिका बताई जाती हैं। श्रद्धा कपूर (‘आशिकी-2’ और ‘हैदर’ की कामयाबी के बाद) 60 से 70 लाख की रकम लेती हैं।

और भी हैं चेहरे
सिर्फ सितारे ही नहीं, विज्ञापन की दुनिया में अब लेखक (चेतन भगत, जावेद अख्तर) शैफ (संजीव कपूर, विकास खन्ना), फिल्म डायरेक्टर (करण जौहर, अनुराग कश्यप) आदि भी शामिल हो गए हैं। चेतन भगत पांच से सात लाख और करण जौहर विज्ञापन फिल्म के डायरेक्शन के साथ एक करोड़ की मांग करते हैं। यही हालत टीवी सितारों की है जो पाॅपुलरिटी के अनुपात में पैसा पाते हैं। फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी भी एक कैमरा प्रोडक्ट-निकॉन डिजिटल कैंपेन के साथ जुड़े हैं। क्रिकेटरों के बारे में भी इसी तरह ग्रेडिंग की जाती है। धोनी (5 करोड़), विराट (1.75 करोड़) युवराज सिंह करोड़ों रुपये एक दिन के शूट के लिए लेते हैं। बैडमिंटन में वर्ल्ड चैंपियन का खिताब पाने के बाद साइना नेहवाल (60 से 75 लाख साल का) और सानिया मिर्जा (टेनिस खिलाड़ी) को 60 लाख तक दिए जाने की चर्चा रही है।

बॉलीवुड सितारों की कमाई (सामान्यतः प्रति विज्ञापन )
आमिर खान – 5 करोड़
सलमान खान – 3.5 – 5 करोड़
शाहरुख खान – 3.5 – 4 करोड़
दीपिका पादुकोण – 2 करोड़
ऐश्वर्या राय – 1 – 1.5 करोड़
प्रियंका चोपड़ा – 1 – 1.3 करोड़
आलिया भट्ट – 1 करोड़
अनुष्का शर्मा – 60 से 70 लाख
श्रद्धा कपूर – 60 से 70 लाख



 दीपक कुमार
deepak841226@gmail.com